भारत में जनरल मोटर्स द्वारा पेश की गई कार शेवरले एन्जॉय, ग्लोबल NCAP द्वारा आयोजित क्रैश टेस्ट में फेल हो गई है और सुरक्षा के मामले में उसे शून्य रेटिंग मिली है. अंतरराष्ट्रीय कार सुरक्षा एजेंसी द्वारा 2014 के बाद भारत में निर्मित कारों का सेफ्टी की जानकारी के लिए सुरक्षा टेस्ट किया गया. सेफ्टी के लिए फोर्ड फिगो एस्पायर का भी टेस्ट किया गया और उसे 3 रेटिंग मिली.

शेवरले एन्जॉय
शेवरले एन्जॉय को फ्रंट से 64 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से क्रैश टेस्ट कराए जाने पर यह फेल हो गई और इसे शून्य रेटिंग मिली. भारत में यह कार बिना एयरबैग के बेची जाती है. क्रैश टेस्ट में एयरबैग के अलावा कार में कई अन्य सुरक्षा खामियों का पता चला है. इसमें कार के स्ट्रकचर पर भी सवाल उठाया गया है.

परीक्षण के नतीजों पर ग्लोबल एनसीएपी के महासचिव डेविड वार्ड ने कहा कि इन नतीजों से पता चलता है कि कारों की बॉडी शेल कितना महत्वपूर्ण है, जो दुर्घटना की स्थिति में स्थिर या कायम रहे.

शेवरले एन्जॉय के मुकाबले फोर्ड फिगो एस्पायर को क्रैश टेस्ट में बेहतर पाया गया है और उसे 3 स्टार रेटिंग मिली है. भारत में इस कार का स्टैंडर्ड वर्जन डुअल फ्रंट एयरबैग के साथ और टॉप वर्जन 6 एयरबैग के साथ सेल किया जाता है. इस कार को एडल्ट ऑकुपेंट प्रोटेक्शन के मामले में इस कार को भले ही 3 रेटिंग मिली है, लेकिन चाइल्ड ऑकुपेंट प्रोटेक्शन के मामले में इसे सिर्फ 2 रेटिंग मिली है.

परीक्षण में मिली रेटिंग
सरकार के मुताबिक भारत में 2018 कारों के लिए नए सुरक्षा नियम लागू किए जाएंगे, जिसमें क्रैश टेस्ट भी शामिल होगा. इसके बाद सभी कारों में सुरक्षा के लिए डूअल एयरबैग देना अनिवार्य हो जाएगा. ग्लोबल NCAP ने कहा है कि इस साल भारत में निर्मित और कारों का क्रैश टेस्ट किया जाएगा.
