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कोरोनावायरस लॉकडाउन के चलते सरकार ने परिवहन दस्तावेजों की वैधता को बढ़ाया

1 फरवरी 2020 के बाद समाप्त होने वाले परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेजों की वैधता बढ़ाई गई

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1 फरवरी के बाद जो भी दस्तावेज अवैध हो चुके हैं उन्हें अब 30 जून, 2020 तक वैध माना जाएगा

केंद्र सरकार ने उन सभी वाहन मालिकों और ड्राइवरों को राहत दी है जिनके प्रमाण पत्र हाल ही में समाप्त हो गए हैं या आने वाले दिनों में दुबारा बनाए जाने वाले थे. समय सीमा को कोरोनावायरस लॉकडाउन के कारण बढ़ाया गया है जो 14 अप्रैल, 2020 तक पूरे देश में लागू है. सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार फिटनेस प्रमाणपत्र, सभी प्रकार के परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण या कोई अन्य संबंधित दस्तावेज जिसकी वैधता का विस्तार लॉकडाउन के कारण नहीं किया जा सकता है या नहीं किया जाएगा अब इसे बढ़ाया जाएगा. 1 फरवरी के बाद जो भी दस्तावेज अवैध हो चुके हैं या समाप्त हो चुके हैं, उन्हें अब 30 जून, 2020 तक वैध माना जाएगा.

सभी राज्यों के परिवहन कार्यालय लॉकडाउन अवधि के दौरान शटडाउन मोड में हैं. आदेश में 'नॉन यूस टैक्स लाएबिलिटी' का भी उल्लेख किया गया है, जो ना इस्तेमाल किए जाने वाले परिवहन वाहनों को टैक्स की माफी देता है. कई राज्यों में यह सुवीधा सरकारी वेबसाईट वाहान द्वारा ली जा सकती है. जिन राज्यों में यह सुवीधा नहीं है वहाँ भी इसे लागू करने का लिए कहा गया है ताकि टैक्सी,बस आदि जैसे वाणिज्यिक वाहनों को राहत दी जा सके. एसे वाहन वर्तमान परिस्थितियों में गैर-परिचालन हैं.

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मंत्रालय ने ये भी कहा है कहा कि कई वाहन देश में आवश्यक सेवाओं के संचालन में शामिल हैं और लॉकडाउन के दौरान अपने प्रमाण पत्र / दस्तावेजों को दुबारा नहीं बना पाएंगे. यह सुनिश्चित करना होगा कि इन वाहनों के चालक परेशान न हों और इन कठिनाइयों के दौरान अपने कर्तव्यों के निर्वहन करें. ट्रांसपोर्ट अधिकारियों को सभी दस्तावेजों को 30 जून 2020 तक वैध मानने के लिए कहा गया है.

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