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कोरोनावायरस के खिलाफ जंग में महिंद्रा का बड़ा योगदान

पिछले 3 महीनों में कंपनी ने लाखों भोजन, फेस मास्क और फेस शील्ड बांटे हैं.

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महिंद्रा पहले ही कोरोना योद्धाओं के लिए 600 एयरोसोल बॉक्स बना चुकी है

मार्च के महीने में देश भर में लॉकडाउन लागू होने के बाद से महिंद्रा एंड महिंद्रा कोरोनोवायरस महामारी के खिलाफ कठिन लड़ाई में काफी आगे रहा है. कंपनी ने पहले फेस मास्क और सस्ता वेंटिलेटर बनाना शुरू किया और उसके बाद फेस शील्ड और एरोसोल बॉक्स जैसे अन्य उपकरण बनाने का काम भी किया, जो बीमारी के खिलाफ लड़ाई में चिकित्सा कर्मियों के बचाव में आए. इसके अलावा कंपनी कई स्थानों पर जरूरतमंद लोगों को भोजन भी बांटती रही है.

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इन उपकरणों को बनाने का काम देश में महिंद्रा के 8 प्लांट्स पर चल रहा है.

अब महिंद्रा एंड महिंद्रा के एम डी डॉ. पवन गोयनका ने अपने सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया है जो इन उपकरणों को बनाते रहे हैं और उन्हें कोविद योद्धा के रूप में चिह्नित किया है. उन्हें संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "कोरोना के साथ युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है. हम जीतेंगे. आपको आगे बढ़ते रहने की जरूरत है." बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए महिंद्रा ने अब तक 4 लाख फेस शील्ड, 12 लाख फेस मास्क और 600 एयरोसोल बॉक्स बनाए हैं जो 60 विभिन्न अस्पतालों में वितरित किए गए हैं. डॉ. गोयनका ने यह भी साझा किया कि कंपनी पिछले 3 महीनों में 2.5 लाख भोजन भी बांटने में कामयाब रही है.

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कंपनी ने बेंगलुरु के हेल्थकेयर पार्टनर के साथ हाई-स्पेसिफिकेशन वेंटिलेटर भी बनाया है.

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महिंद्रा ने अपने आप ही एक किफायती अंबू बैग वेंटिलेटर बनाने के अलावा बेंगलुरु स्थित हेल्थकेयर पार्टनर के साथ हाई-स्पेसिफिकेशन वेंटिलेटर भी बनाया है. इन उपकरणों को बनाने के लिए देश भर में कंपनी के विभिन्न कारख़ाने शामिल रहे हैं. इनमें महाराष्ट्र में पुणे के पास चाकन के अलावा और मुंबई और नासिक के प्लांट्स भी हैं. मध्य प्रदेश के पीतमपुर और तेलंगाना के ज़हीराबाद कारख़ाने भी इस नेक काम में योगदान दे रहे हैं.

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