भारत में नई बाइक और कारें

सुप्रीम कोर्ट ने BS4 वाहनों के लिए तय 31 मार्च 2020 की डेडलाइन में दी राहत

सुप्रीम कोर्ट ने तय डेडलाइन में राहत दी है, लेकिन निर्माता कंपनियां अपने बाकी BS4 वाहनों में से सिर्फ 10% ही इस तारीख के बाद बाज़ार में बेच सकती हैं.

फोटो देखें
देशभर में लॉकडाउन की वजह से डीलरशिप पर ग्राहकों की संख्या शून्य हो गई है

देशभर में फिलहाल कोरोना वायरस से बड़ा संकट और कोई नहीं है जिसने पूरी दुनिया को भी अपनी चपेट में ले रखा है. जहां ऑटो इंडस्ट्री इस संकट से निपटने में भारत सरकार का साथ दे रही हैं, वहीं सरकार द्वारा नए BS6 इंधन नियमों के लिए तय की गई 31 मार्च 2020 की डेडलाइन ने अबतक ऑटो सैक्टर को दुविधा में डाल रखा था. देशभर में लॉकडाउन की वजह से डीलरशिप पर ग्राहकों की संख्या शून्य हो गई है और इसी डेडलाइन में राहत की गुहार लेकर फाडा (फैडरेशन ऑफ डीलर्स असोसिएशन) सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. यहां सभी ऑटो निर्माता कंपनियों ने चैन की सांस ली है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने तय डेडलाइन में राहत दी है, लेकिन निर्माता कंपनियां अपने बाकी BS4 वाहनों में से सिर्फ 10% ही इस तारीख के बाद बाज़ार में बेच सकती हैं.

bq9f0nnइस तारीख को ज़्यादा आगे बढ़ाना तर्कसंगत नहीं है और इससे पर्यावरण को नुकसान के अलावा कुछ नहीं होगा - SC

सुप्रीम कोर्ट में फाडा ने अर्ज़ी डाली थी कि 31 मार्च के अगले 30 दिनों तक भी वाहन निर्माता कंपनियों को अपने BS4 मानकों वाले वाहन बेचने की अनुमति दी जाए जिनकी कुल लागत काफी ज़्यादा है. फाडा ने आगे कहा कि 15,000 पैसेंजर कारें, 12,000 कमर्शियल वाहन और 7 लाख दो-पहिया वाहन बिकना बाकी हैं जो कोरोना महामारी के चलते बिक नहीं पा रहे. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि "इस तारीख को ज़्यादा आगे बढ़ाना तर्कसंगत नहीं है और इससे पर्यावरण को नुकसान के अलावा कुछ नहीं होगा. हम व्यापार और डीलर की स्थिति को समझते हैं, लेकिन हमें भी समझौता करना सीखना होगा."

ग्रैन थ्रॉन्टन एडवायज़री के पार्टनर, साकेत मेहरा ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर कहा कि, "हमें इसी फैसले की उम्मीद थी लेकिन असल में लॉकडाउन के बाद BS4 वाहनों के बेचने के लिए ये समय बहुत कम है. इस समय ग्राहकों की खरीद में दिलचस्पी बिल्कुल नहीं होगी और सभी लोग महामारी की चिंता को लेकर घरों से बाहर नहीं निकलेंगे, इसके बाद पैसा खर्च भी करेंगे तो खुदकी ज़रूरत के सामान पर. लॉकडाउन के खत्म होते ही अगले दस दिनों में स्टॉक खत्म कर पाना संभव नहीं है, इसके लिए कम से कम 6 महीने की राहत मिलनी चाहिए थी."

ये भी पढ़ें : कोरोना से लड़ाईः महिंद्रा ने महज़ 48 घंटे में तैयार किया वेंटिलेटर का प्रोटोटाइप

0 Comments

माननीय सर्वोच्च न्यायालय के जस्टिस अरुण मित्रा और जस्टिस दीपक गुप्ता ने इस केस की सुनवाई करके फैसला सुनाया कि 31 मार्च 2020 की डेडलाइन के बाद भी BS4 मानकों वाले वाहन बेचे जा सकते हैं, लेकिन इन वाहनों के कुल स्टॉक का कुल 10% ही बेचा जाए, इन्हें लॉकडाउन खत्म होने के 10 दिनों के भीतर ही बेचा जाए, इन्हें दिल्ली-एनसीआर में नहीं बेचा जाएगा और इन सभी BS4 वाहनों का रजिस्ट्रेशन इनकी बिक्री के 10 दिनों के भीतर ही होना चाहिए. इन शर्तों के साथ भारतीय ऑटोमेकर्स को लॉकडाउन खत्म होने के 10 दिनों के भीतर वाहन बेचने की अनुमति दी गई है.