भारत में नई बाइक और कारें

बाज़ार में फिर खलबली मचाने को तैयार नई जनरेशन होंडा सिटी

नई पीढ़ी की होंडा सिटी कॉम्पैक्ट सेडान आ गई है, और इससे बड़ी बात हो नहीं सकती. हां कुछ देर ज़रूर हुई लेकिन अब यह दौड़ने के लिए तैयार है. हम इसके तीनों वेरिएंट का टेस्ट कर रहे हैं, आपको इस महत्वपूर्ण मॉडल के अच्छी और बुरी हर चीज़ बताने के लिए.

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होंडा सिटी पिछले 22 सालों से भारत में कॉम्पैक्ट सेडान सेग्मेंट की शान रही है.

जी हां, होंडा सिटी कॉम्पैक्ट सेडान की नई जनरेशन वाकई में एक बड़ी बात है. कोरोना संकट से हुई कुछ देरी के बाद, 22 सालों से भारत में कॉम्पैक्ट सेडान सेग्मेंट को बनाने और परिभाषित करने वाली कार, एक नई पीढ़ी में वापस आ गई है. होंडा ने कहा है कि नई सिटी अपनी पिछली जनरेशन के साथ ही बाज़ार में पेश की जाएगी जो कम कीमत के विक्लप के रूप में रहेगा. होंडा ने 1998 के बाद से भारत में 8 लाख से ज़्यादा सिटी बेची हैं और यह लगातार सेग्मेंट की श्रेष्ठ गाड़ी रही है. सिटी ने अपनी 7वीं पीढ़ी में दक्षिण पूर्व एशिया में शुरुआत की है, लेकिन यहां भारत में इसे 5वीं पीढ़ी की कार कहा जा रहा है क्योंकि हमारे पास आने वाला यह कार का पाँचवा रूप है. मैं इसे साल के सबसे महत्वपूर्ण लॉन्च में से एक के रूप में गिन रहा हूं. इसलिए, हम सामाजिक दूरी और स्वच्छता का ख़्याल रखते हुए इस कार की तरफ ऐसे बढ़े जैसे मधुमक्खियां शहद की ओर चलीं. इसलिए मेरे सहयोगी शम्स रज़ा नकवी भी इस ड्राइव में मेरे साथ हैं. और यह सिर्फ इसलिए नहीं है कि यह कार कितनी महत्वपूर्ण है, बल्कि इसलिए कि हम सभी तीन ड्राइवट्रेन विक्लपों का परीक्षण कर रहे हैं - पेट्रोल मेनुअल, पेट्रोल सीवीटी, और डीजल मैनुअल.

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नए एलईडी हेडलैम्प सेग्मेंट में अलग दिखते हैं और कार को एक बहुत ही आधुनिक रूप देते हैं

एक नज़र और आप जान जाते हैं कि यह होंडा सिटी पिछली कार की तुलना में बड़ी दिखती है. कटाना ब्लेड का बहुत तेज घुमावदार किनारा कार के साइड लुक को प्रेरित करता है. सामने की तरह यह भी पिछली कार के मुकाबले काफी बदला है. सीधा क्रोम स्लैब जो ग्रिल को परिभाषित करता है, अब एक विशिष्ट होंडा डिजाइन क्यू है. हालांकि एलईडी हेडलैम्प हैं जो पहले से बहुत अलग हैं. इसमें 9 एलईडी हैं और यह केवल सबसे ऊंचे मॉडल में मिलेगा. यह निश्चित रूप से सेग्मेंट में अलग दिखता है और कार को एक बहुत ही आधुनिक रूप देता है. यही काम टेललाइट भी करती है जो पूरी तरह से एलईडी है. यह रियर फेंडर के साथ आती है और तीर के आकार के तत्वों में मिल जाती है. टेललाइट का आकार और जिस तरह से लाल तत्व क्लस्टर से बाहर निकलता है - बीएमडब्ल्यू की याद दिलाता है. हाँ होंडा अतीत में कई बार बीएमडब्ल्यू से प्रेरित होने के लिए जाना गया है. यह अब उस जगह पर वापस आ रहा है!

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यह नई जनरेशन अब सेग्मेंट की किसी भी कार की तुलना में सबसे चौड़ी और लंबी है 

नई होंडा सिटी पिछली कार की तुलना में 53 मिमी चौड़ी और 109 मिमी लंबी है. लेकिन हैरानी की बात है कि व्हीलबेस पहले जैसा ही है. होंडा की मानें तो यह सेग्मेंट में अब किसी भी कार की तुलना में सबसे चौड़ी और लंबी है. हालांकि, कोई नए रंग नहीं हैं और यह बात मेरे समझ में नही आई. नई सिटी में 5 रंग हैं लेकिन वही सब जिन्हें आपने पहले देखा है. मेरे लिए यह विशेष रूप से अजीब है, क्योंकि पुरानी सिटी भी बाज़ार में बिकेगी, इन्ही रंगों में. एक उज्जवल रंग सही साबित हो सकता है. और हमें हाल में सेग्मेंट के ज्यादातर प्रतिद्वंद्वियों से भी बढ़िया रंग देखने को मिले हैं. एक कमी जो होंडा की तरफ से रह गई. तो आज के लिए हमें गोल्डन ब्राउन और लूनर सिल्वर के साथ काम चलाना पड़ेगा. इसके बावजूद 16 इंच के अलॉय व्हील कार की डिजाइन को आकर्षक बनाते हैं और बाहरी रियर व्यू मिरर जिनको ए-पिलर सो थोड़ा दूर लगाया गया है ब्लाइंड स्पॉट को कम करते हैं. कुल मिलाकर कार उम्दा दिखती है और हाँ पहले से बड़ी भी.   

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पिछली कार की तुलना में सिटी पेट्रोल के पिक-अप में निश्चित रूप से सुधार हुआ है.  

सिटी ने लंबे समय तक CVT गियरबॉक्स के साथ काम किया है. लेकिन क्या एक नए इंजन ने ड्राइव को बेहतर बना दिया है? और उस चर्चित रबर बैंड प्रभाव के बारे में क्या? पिछली कार की तुलना में पिक-अप में निश्चित रूप से सुधार हुआ है. इंजन भी अब अच्छा लग रहा है. इसकी आवाज़ भी बढ़िया है जिसको सुनने में मज़ा आता है. लेकिन यह भी सही है कि यह एक शांत केबिन है. हाँ! बहुत से काम हैं जो शोर को कम करने पर किए गए हैं जो दिखता है. लेकिन कार की सबसे बढ़िया चीज़ है इसकी आरामदायक सवारी. यह वास्तव में शानदार है! इंजन का प्रदर्शन बहुत सुचारू है इसलिए अनुभव बहुत सकारात्मक है. यह पुरानी सिटी से ज़्यादा सिविक के करीब है और यह बहुत अच्छा है! खरीदारों को यह पसंद आएगा. स्पीड ब्रेकर या गड्ढों का तो पता ही नहीं चलता है, और अगर सड़क अच्छी हो तो बात ही क्या.

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कार को एक नया 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स भी मिला है

1498 सीसी का इनलाइन 4-सिलिंडर पेट्रोल इंजन 119 बीएचपी ताकत बनाता है जो पावर में बहुत मामूली उछाल है. जबकि ऑटो विकल्प एक बार फिर सीवीटी के रूप में आया है, कार को एक नया 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स भी मिला है, जिसे मैं कुछ देर में चलाऊंगा. दोनो कारों का माइलेज अच्छा है लेकिन सेग्मेंट में सबसे बहतर नही. CVT आपको 18.4 kmpl देगी, जबकि मैनुअल में 17.8 kmpl मिलेगा.

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सिटी ने सुरक्षा को हमेशा गंभीरता से लिया है इसलिए आपको टॉप मॉडल पर 6 एयरबैग, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम के अलावा लेन वॉच भी मिलेगा जिसे सिविक और सीआर-वी से लिया गया है. बाईं ओर इंडिकेटर चालू कर के आपको मुख्य स्क्रीन पर गाड़ी की बांए तरफ का पूरा नज़ारा दिख जाएगा. यह एक अच्छी बात है, और आपको इसकी आदत बहुत जल्दी पड़ जाती है. साथ ही अब कार अपने निर्माण में बहुत मजबूत है क्योंकि पिछली कार की तुलना में 20.4 % अधिक सख़्त है और यह 4.3 किलो हल्की होने के बावजूद हुआ है.

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भारी ट्रैफ़िक में, CVT जैसा कुछ भी नहीं है, यह आरामदायक, आसान सवारी के साथ आपको अच्छा माइलेज भी देगी 

सख्ती कार की हैंडलिंग को बहतर बनाती है हालांकि यह स्पोर्टी नहीं है, जिसकी वजह बड़ा आकार है. स्टीयरिंग में थोड़ा वज़न है और यह अच्छा काम करती है, लेकिन थोड़ी और मज़ेदार हो सकती थी. पैडल होना अच्छा है, लेकिन यह पूछना होगा कि क्या सीवीटी को इनकी ज़रूरत भी है? इसके अलावा, अगर आप CVT को S या Sport मोड में रखते हैं तो फर्क महसूस होता है, लेकिन वास्तव में Honda City के पुराने CVTs की तरह या महज़ इंजन की तेज़ आवाज़ है. और हाँ रबड़ बैंड इफेक्ट का प्रभाव तो है लेकिन इस हद तक नहीं कि यह आपको परेशान करे. होंडा का कहना है कि "फुल-ओपन एक्सेलेरेशन स्टेप-अप शिफ्ट कंट्रोल" और "ब्रेक ऑपरेशन स्टेप डाउनशिफ्ट कंट्रोल" यहाँ मदद करते हैं. ईमानदारी से कहें तो यह एक बड़ा बदलाव नहीं है. CVT शहर के ड्राइविंग के हिसाब से बहुत अच्छी है. भारी ट्रैफ़िक में, CVT जैसा कुछ भी नहीं है, यह आरामदायक, आसान सवारी के साथ आपको अच्छा माइलेज भी देगी. लेकिन अगर आप वास्तव में उत्साही और मज़ेदार ड्राइविंग चाहते हैं तो सीवीटी आपके लिए नहीं है. तब आप शायद मैनुअल को देखना बेहतर समझेंगे हैं जिसके बारे में अब मैं आपको बताने जा रहा हूं.

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 होंडा इस बढ़िया IVTEC इंजन के साथ पेट्रोल की दुनिया में अपनी प्रतिष्ठा को बरकरार रखे हुए है.

मैन्युअल का एक अलग ही चरित्र है, यह आपको कार का अधिक नियंत्रण देता है. हां अगर आप ध्यान दें तो पीक टॉर्क 3,500 आरपीएम से अधिक पर मिलता है जो थोड़ा निराश करता है. हमेशा की तरह भारत में प्रदर्शन पर माइलेज हावी हुआ है. लेकिन नया गियरबॉक्स अच्छा है, छटा गियर निश्चित रूप से मदद करता है, और शुक्र है कि टॉर्क बैंड आपको ज़्यादा से ज़्यादा उँचे गियर में रहने देता है, इसलिए लगातार गियर बदलने की आवश्यकता नहीं होती है.

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कुल मिलाकर, मैं देख रहा हूँ कि होंडा इस बढ़िया IVTEC इंजन के साथ पेट्रोल की दुनिया में अपनी प्रतिष्ठा को बरकरार रखे हुए है. हालांकि मैं यह कहूंगा कि थाईलैंड में सिटी आरएस न केवल जानदार दिखती है, बल्कि नया 1.0 लीटर आईवीटीईसी टर्बो इंजन इसको और भी स्पोर्टी बनाता है. होंडा को इसे भारत लाने के बार में सोचना चाहिए था और मेरी राय में अब भी सोचा जाना चाहिए.

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कार के डीज़ल इंजन से आपको 99 बीएचपी अधिकतम पावर और 200 एनएम पीक टॉर्क मिलता है.

अब बात करते हैं मैनुअल डीज़ल की. हां होंडा का मानना ​​है कि अमेज़ में दिए जाने के बावजूद सिटी डीज़ल को ऑटोमेटिक की आवश्यकता नहीं है. कम से कम यहां नया 6-स्पीड गियरबॉक्स तो है. अब यह बीएस 6 कंप्लायेंट है और होंडा का कहना है कि इसे हासिल करने के लिए बहुत प्रयास किए गए हैं क्योंकि प्रदूषण मानदंड पूरा करना आसान नहीं था. तो आपको लगभग 99 बीएचपी अधिकतम पावर और 200 एनएम पीक टॉर्क मिलता है. पिक-अप काफी तेज़ है और गियरशिफ्ट में भी लचक है. तो इस सिटी डीज़ल की ड्राइवर सीट पर आपको मज़ा आएगा. मत भूलिए कि सिद्धार्थ के पेट्रोल मॉडल की तुलना में यह कार 64 किलो भारी है तब भी उतनी ही मज़ेदार महसूस होती है. एक लीटर में 24 km का भी स्वागत है!

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केबिन इंजन की आवाज़ से अच्छी तरह से अछूता है, और पिछली पीढ़ी की तुलना में काफी शांत है.  

होंडा की सभी डीज़ल कारों के शोर को ले कर काफी सुनना पड़ा है. हाँ, इस 1.5 लीटर IDTEC में आवाज़ है, और इसलिए आप जानना चाहते हैं कि नई होंडा सिटी के केबिन में यह कितनी आती है? खै़र, जैसा कि मैंने आपको बताया था कि होंडा सिटी के एनवीएच (शोर, कंपन और कठोरता) स्तरों पर कड़ी मेहनत कर रहा है. डीजल पर भी इंजीनियरों ने कड़ी मेहनत की है. और मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि केबिन इंजन की आवाज़ से अच्छी तरह से अछूता है, और पिछली पीढ़ी की तुलना में काफी शांत है. आप इंजन की आवाज़ अब भी सुनते हैं, लेकिन सिटी पर साउंड डैंपिंग अब बेहतर है. और इसलिए पेट्रोल की तरह, डीजल भी इस संबंध में एक सुखद अनुभव है. क्या यह आवाज़ और कम हो सकती थी? हाँ! लेकिन कुल मिलाकर मैं शिकायत नहीं करूंगा और शायद आप भी.

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7 इंच का फुल कलर TFT LCD पैनल सेगमेंट में पहली बार देखा गया है 

कार को एक जी-मीटर मिला है जो आपके ड्राइविंग शैली के हिसाब से G-Force को मापता है. और यह केवल मलेशियाई और भारतीय बाज़ार के लिए ही विकसित की गई एक सुविधा है. क्यों? मुझे पता नहीं! तो चीजों को सहज रखने के लिए आप इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में दिए गए जी-मीटर में रीडआउट को देखते हुए कम से कम जी-फोर्स लेवल की कोशिश कर सकते हैं और उसे बनाए रख सकते हैं. यह कार चलाते समय गेम खेलने जैसा है. यह आपको विचलित नहीं करता है क्योंकि यह आपकी दृष्टि में है. यहां आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि बिंदू बीच में ही रहे ताकि आप G Force को कम से कस महसूस करें. यह इस कार में अधिक आरामदायक ड्राइव में सहायता करता है. क्या यह ज़रूरी है? शायद नहीं.. लेकिन मज़ेदार भी है. जी-मीटर एक नए आकर्षक रूप से डिज़ाइन किए गए इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर का हिस्सा है, यह 7 इंच का फुल कलर TFT LCD पैनल सेगमेंट में पहली बार देखा गया है. स्पीडोमीटर सुई के अलावा यहां सब कुछ डिजिटल है. यह कोई वर्चुअल कॉकपिट नहीं है लेकिन आप कई डिस्प्ले विकल्पों में से चुन सकते हैं जो टैकोमीटर के भीतर दिखाई देते हैं. इंस्ट्रूमेंट बिन्नेकल भी थोड़ा ऊंचा किया गया है और डैश भी पतला है, इसलिए स्टीयरिंग माउंट के ठीक नीचे ज़्यादा जगह मिलती है. यह केबिन आपको अधिकांश कारों की तुलना में बेहतर स्पेस देगा. हांलाकि बूट स्पेस पहले से थोड़ा कम हो गया है और अब यह 506 लीटर है.

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नई सिटी के अंदर आपको बढ़िया क्वॉलिटी देखने को मिलेगी

कार आलीशान दिखती है और विशेष रूप से डैश पैनल पर सॉफ्ट टच लेदरेट उच्च क्वॉलिटी का है. सीटों पर भी यही देखने को मिलता है, और स्टीयरिंग व्हील पर भी ऐसा ही बात है. स्टीयरिंग व्हील को झुकाव और दूरी दोनों के लिए सेट कर सकते हैं. पिछली सीट बढ़िया है क्योंकि यहां लेगरूम और हेडरूम शानदार हैं. छोटी-मोटी चीज़ें रखने के लिए काफी विकल्प हैं. इसलिए भले ही व्हीलबेस पहले जैसा हो, फिर से डिज़ाइन किए गए डैश और फ्रंट सीट्स के कारण पीछे ज्यादा जगह है; 15 मिमी ज़्यादा. 8 इंच का टचस्क्रीन नए तरीके से डिज़ाइन किए गए एसी वेंट के बीच अच्छी तरह से बैठता है. यह पहले की तुलना में बड़ी स्क्रीन है और उपयोग में आसान है. इसमें आपको Apple CarPlay, Android Auto और कनेक्टिविटी के कई फीचर्स मिलते हैं जिनकी आप उम्मीद करते हैं.

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अमेज़ॅन के एलेक्सा से कई सुविधाओं को वॉइस कमांड से नियंत्रित किया जा सकता है 

नई होंडा सिटी में होंडा कनेक्ट ऐप फीचर भी है, जिसके उपयोग से आप अपने मोबाइल फोन पर ऐप के माध्यम से अपनी कार से जुड़ सकते हैं. यह आपको जियो-फेंसिंग और आपकी कार खोजने जैसी कई टेलीमैटिक्स सुविधाएं प्रदान करता है. ऐसे कुल 32 फिचर है लेकिन इनमें से 10 एक कदम आगे है. आपके फ़ोन पर अमेज़ॅन के एलेक्सा का उपयोग करते हुए, इन सुविधाओं को एक वॉइस कमांड का उपयोग करके नियंत्रित किया जा सकता है. उदाहरण के तौर पर आप एलेक्सा को अपनी कार को अनलॉक करने और बूट खोलने के अलावा ईंधन के स्तर और टायर का दबाव बताने के लिए कह सकते हैं. अमेज़ॉन एलेक्सा एक्सेस को दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ भी साझा किया जा सकता है. यह सिटी को सही मायनों में एक कनेक्टेड कार बनाता है, एक एसी चीज़ जो अभी तक होंडी की कारों से नदारद थी. कार एटीएंडटी से एक एम्बेडेड सिम का उपयोग करती है जो उस क्षेत्र में सेवाएं देता है, जिससे आप सुविधाओं का पूरा लाभ उठा सकते हैं. यह कैसे काम करता है, इसकी बेहतर समझ के लिए, हमारे सिटी की टेस्ट ड्राइव वीडियो में शम्स का डेमो देखें.

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तो एक प्रीमियम, फीचर्स से भरी हुई और अच्छी तरह से डिज़ाइन की गई कार, सिटी नाम को रौशन करती है. ऐसी चीज़ें भी हैं जो होतीं तो और अच्छा होता, लेकिन सेग्मेंट को उत्साहित करने के लिए यहां बहुत कुछ है. और होंडा सिटी के प्रशंसको को भी. हमें लगता है कि नई सिटी मिड और टॉप एंड वेरिएंट के साथ ही आएगी. सस्ते मॉडल पिछले जनरेशन के होंगे जो बाजार में बने रहेंगे. इसलिए हमें लग रहा है कि नई सिटी की कीमत रु 10 लाख से रु 15 लाख के बीच होगी.

कम्पेयर होंडा सिटी मौजूदा प्रतिद्वंदियों के साथ