करीब 30 सालों तक भारतीय नौसेना की शान और ताकत बढ़ाने वाला युद्ध पोत आईएनएस विराट आज रिटायर हो गया. 1980 के दशक में भारतीय नौसेना ने विराट को साढ़े छह करोड़ डॉलर में खरीदा था और 12 मई 1987 को सेवा में शामिल किया. मुंबई में होने वाले एक समारोह में आईएनएस विराट औपचारिक रूप से भारतीय सेना से अलग हो जाएगा. भारतीय नौसेना में शामिल होने से पहले यह युद्धपोत ब्रिटेन के रॉयल नेवी में 27 सालों तक सेवा दे चुका था.

बजाज वी15
नेवी चीफ एडमिरल सुनील लांबा ने बताया कि अगर अगले चार महीनों के अंदर विराट को कोई खरीदार नहीं मिला, तो उसे कबाड़ में बदल दिया जाएगा. हाल ही में बजाज ने अपनी 'वी' सीरीज मोटरसाकिल में आईएनएस विक्रांत के पार्ट्स का इस्तेमाल किया था और इसे बाइक की यूएसपी के रूप में भी देखा गया. जिस कारण एक सवाल ये भी उठता है कि अगर आईएनएस विराट को कोई खरीदार नहीं मिलता है, तो क्या बजाज जैसी कंपनी जहाज का स्क्रैप मैटल खरीदेगी...वहीं बजाज ऑटो से जब इस बारे में बात की गई, तो उसने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया.

बजाज की वी15 और वी12 को भारतीय बाजार में काफी सफलता मिली है. पिछले छह महीनों में कंपनी ने औसतन 20,000 बजाज वी15 बाइक बेची हैं. वी15 में 149.5 सीसी का सिंगल-सिलेंडर इंजन लगा है, जिसकी मदद से इसे 12 बीएचपी की ताकत और 5500rpm पर 13Nm का टॉर्क मिलता है. इसके अलावा इसमें SOHC, एयर-कूल्ड इंजन जैसी कई खासियत हैं.
वी15 को मिली जबरदस्त कामयाबी को देखते हुए कंपनी ने इसका 125 सीसी मॉडल वी12 को भी इसी साल जनवरी में लॉन्च किया. ऐसे में ये सवाल उठना लाजमी है कि क्या बजाज अपनी वी सीरीज को और ज्यादा कामयाब बनाने के लिए आईएनएस विराट से और रॉ मैटल खरीदेगी या नहीं...
