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दिल्ली परिवहन निगम 1,250 लो फ्लोर BS6 AC CNG बसें ख़रीदेगी

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दिल्ली के पर्यावरण और परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने पुष्टि की है कि डीटीसी बोर्ड ने 1,250 लो फ्लोर ऐसी सीएनजी बसों की खरीद को मंजूरी दी है जो कड़े प्रदूषण नियमों का पालन करती हैं.

नई बसें पुराने वाहनों की जगह लेंगी, साथ ही बेड़े में कुल संख्या में भी इज़ाफा करेंगी. expand फोटो देखें
नई बसें पुराने वाहनों की जगह लेंगी, साथ ही बेड़े में कुल संख्या में भी इज़ाफा करेंगी.

दिल्ली सरकार ने राज्य की परिवहन निगम के बेड़े में 1,250 नई लो फ्लोर BS6 AC CNG बसों को जोड़ने का फैसला किया है. बीएस 6 नियमों का पालन करने वाली इस बसों का उद्देश्य मुख्य रूप है से वायु प्रदूषण को कम करने का है और यह दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहा है. नई बीएस 6 बसें पुराने वाहनों की जगह लेंगी, साथ ही इसके बेड़े में कुल संख्या में भी इज़ाफा करेंगी. दिल्ली के पर्यावरण और परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने पुष्टि की है कि डीटीसी बोर्ड ने ऐसी 1,250 लो फ्लोर ऐसी सीएनजी बसों की खरीद को मंजूरी दी है जो कड़े प्रदूषण नियमों का पालन करती हैं.

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नई बसों से कोरोना के समय में सामाजिक दूरी बनाए रखने में भी मदद मिलेगी.

गहलोत ने एक ट्वीट में कहा, 'माननीय सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार लगातार सार्वजनिक परिवहन को बढ़ाने और प्रदूषण को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है. एक अन्य ऐतिहासिक फैसले में, डीटीसी बोर्ड ने राज्य में 1,250 लो फ्लोर एसी सीएनजी बसों की खरीद को मंजूरी दे दी है जो बीएस- VI नियमों का पालन करती हैं." बीएस 6 सीएनजी बसें न केवल राज्य में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने में मदद करेंगी, बल्कि अधिक संख्या में बसें भीड़ को कम करने में भी मदद करेंगी, जिससे कोरोना के समय में सामाजिक दूरी बनाए रखने में मदद मिलेगी.

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डीटीसी ने इससे पहले आखिरी बार शीला दीक्षित सरकार में लगभग एक दशक पहले बसें खरीदी थीं और तब करीब 3,750 बसें खरीदी गई थीं. स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) के अनुसार, एक बस का जीवन काल 15 साल होता है, लेकिन टेंडर में कहा गया है कि एक बस का जीवन 7 से 10 साल या 7.5 लाख किमी होगा, जो भी पहले हो.

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