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कोरोनावायरस: क्वारंटाइन सेंटर के रूप में उपयोग किया जाएगा बुध्द सर्किट

यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण द्वारा भारत के पहले फॉर्मूला वन ट्रैक का इस्तेमाल 21 दिन के कोरोनावायरस लॉकडाउन में प्रवासियों को आश्रय देने के लिए भी किया जाएगा

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प्राधिकरण ने रेस ट्रैक के परिसर के साथ-साथ स्पोर्ट्स सिटी को भी सील कर दिया था

दिल्ली से सटे गौतमबुध्द नगर के जिला प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती है क्योंकि लाखों प्रवासी दिल्ली से उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर अपना रास्ता बनाने की कोशिश कर रहे हैं. अब केंद्रीय गृह मंत्रालय के जिला सीमाओं को सील करने के साथ ये प्रवासी जिला छोड़ने में सक्षम नहीं है और स्थानीय प्रशासन उनके रहने और खाने की आवश्यकताओं की देखभाल करने के प्रयासों में लग रहा है. उसी के लिए गौतम बुध्द नगर के जिला मजिस्ट्रेट ने अब खाली हो चुके बुध्द अंतर्राष्ट्रीय सर्किट को एक आश्रय गृह के रूप में उपयोग करने के लिए चुना है जिसे कोरोना रोगियों के लिए क्वारंटाइन सुविधा के रूप में भी इस्तेमाल किया जाएगा. उत्तर प्रदेश महामारी कोविद -19 दिशानिर्देश, 2020 के अध्याय 12 के तहत प्रावधानों के अनुसार ये निर्णय लिया गया.

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) को पर्याप्त निर्देश दिए गए हैं कि वे जेपी स्पोर्ट्स सिटी में आवश्यक सुविधाओं को युद्धस्तर पर स्थापित करें. बुध्द ट्रैक ग्रेटर नोएडा में स्थित जेपी स्पोर्ट्स सिटी का एक हिस्सा है. YEIDA के अधिकारी एक अनुसार,जो इस प्रक्रिया में शामिल हैं,वे जल्द ही यह तय कर पाएंगे कि कितने लोगों को सुविधा में रखा जा सकता है और उनका लक्ष्य 14 अप्रैल, 2020 तक उन्हें वहां रखने का है, जिस दिन वर्तमान लॉकडाउन खत्म होगा. तब तक प्राधिकरण यहां रहने वालों की सभी खाद्य और स्वास्थ्य आवश्यकताओं का ध्यान रखेगा.

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हाल ही में प्राधिकरण ने रेस ट्रैक के परिसर के साथ-साथ स्पोर्ट्स सिटी को भी सील कर दिया था क्योंकि उसके मालिक 600 करोड़ रु से अधिक का बकाया चुकाने में विफल रहे थे. यह पूरे जिले में लगभग 20 सुविधाओं में से एक होगा, जहाँ प्रशासन का लक्ष्य लॉकडाउन अवधि के दौरान प्रवासियों के लिए उपयुक्त सुविधाओं को मुहइया कराना है.